मथुरा, अप्रैल 13 -- एसकेएस हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में एक मरीज को नया जीवन मिला। हाल ही में एक मरीज की अन्ननली (इसोफेगस) में दवा की गोली अपनी फॉइल सहित फंस गई थी, जिसकी धारदार किनारियां स्थिति को बेहद गंभीर बना रही थीं। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती थी। मरीज को तत्काल एसकेएस मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां गैस्ट्रो सर्जन डॉ. निशा जैन ने एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से एंडोस्कोपी के माध्यम से सावधानीपूर्वक विदेशी वस्तु को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। उल्लेखनीय है कि इस जटिल प्रक्रिया के दौरान अन्ननली को किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया स्कारलेस रही, जो डॉक्टरों की उच्च दक्षता और आधुनिक तकनीक का उदाहरण है। समय पर किए गए इस जीवनरक्षक उपचार से मरीज की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और वह स्वस्थ है। सफल उपचार ...
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