लखनऊ, अगस्त 1 -- हीलिंग केन्द्रों पर आत्मबल व मन को शांत करने के लिए होता है भक्ताम्बर स्तोत्र का जाप लखनऊ, संवाददाता।आशियाना जैन मंदिर में शनिवार को पावन वर्षायोग (चातुर्मास) के तहत उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ताम्बर स्तोत्र के महत्व को बताया। वहीं दोपहर में आयोजित संस्कार पाठशाला में करीब एक सौ बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए।विशेष प्रवचन में गुरुदेव ने कहा कि भक्ताम्बर स्तोत्र के नियमित पाठ व ध्यान से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, अहमदाबाद, बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न शहरों में भक्ताम्बर स्तोत्र के ध्यान व आध्यात्मिक साधना के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के मानसिक और आध्यात्मिक सशक्तिक...