बागपत, सितम्बर 11 -- गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत अगस्त में हुई स्क्रीनिंग में जनपद की 500 से अधिक गर्भवतियों के हीमोग्लोबीन की जांच की गई। इनमें काफी गर्भवतियां सीवियर एनीमिया से पीड़ित मिलीं। इन महिलाओं के शरीर में हीमोग्लोबीन की मात्रा छह ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी कम पाई गई। शासन के निर्देश पर सभी जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान गर्भवतियों की हीमोग्लोबीन जांच कराई गई। स्क्रीनिंग के आंकड़ों में बागपत जनपद में 500 से अधिक गर्भवतियां सीवियर एनीमिया से ग्रसित मिलीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में आयरन और अन्य पोषक तत्वों की कमी से एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां नियमित न लेना और खानपान मे...