नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून (NGT) ने एक बार फिर दिल्ली की पेयजल आपूर्ति पर बड़ा सवाल उठाया है। मामला इतना गंभीर है कि हरियाणा से आने वाला गंदा पानी सीधे उस ताजे पानी के नाले में मिल रहा है, जिसे बाद में दिल्लीवासियों के नल तक पहुंचाया जाता है।क्या है पूरा माजरा? हरियाणा का डायवर्जन ड्रेन नंबर-6 (DD-6) असल में सीवेज और इंडस्ट्रियल कचरा ढोने वाला नाला बन चुका है। इसमें रोजाना 51 मिलियन लीटर से ज्यादा गंदा पानी बह रहा है। अब यह जहरीला पानी DD-8 में मिल रहा है, जो एकदम साफ पानी का नाला है और आगे जाकर दिल्ली की पेयजल सप्लाई में इस्तेमाल होता है। दोनों नालों के बीच की बांध दीवार (अकबरपुर बरोटा के पास) में दरार आ गई थी, जिसकी वजह से DD-6 का पूरा गंदा पानी DD-8 में घुस रहा था। हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया कि दीवार में दरार प...
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