मोतिहारी, अगस्त 9 -- संग्रामपुर। निसं । गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही पुछरिया, भवानीपुर मलाही टोला में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है। बाढ़ के पानी से खेतों में लगी फसलें बर्बाद होने के साथ पशुधन को भी नुकसान उठाना पड़ता है। कई परिवारों को मजबूरी में महीनों तक राहत शिविरों व ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। सड़क संपर्क भी प्रभावित होता है। संग्रामपुर एसएच 74 से प्रभु टोला होते हुए पुछरिया गांव को जोड़ने वाली सड़क भी बाढ़ के दौरान ध्वस्त व जर्जर हो जाती है। यह भी पढ़ें- जिले के 18 प्रखंडों में बाढ़ से मचती है तबाही, बांधों पर कटती है जिंदगी इससे गांव का आवागमन प्रभावित हो जाता है और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सरकार की ओर से बनाए गए राहत शिविरों मे...