प्रयागराज, मई 15 -- Allahabad Highcourt Order: बनारस में गंगा की बीच धारा में इफ्तार पार्टी करने और मांसाहारी भोजन कर अवशेष गंगा में फेंकने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो अलग-अलग पीठों ने आठ आरोपियों की जमानत मंजूर कर की है। आरोपियों की ओर से हलफनामा दाखिल कर माफी मांगी गई। हलफनामे में कहा गया कि वे अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा है तथा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे। कोर्ट का कहना था कि गंगा सिर्फ हिंदुओं ही नहीं पूरे देश की आस्था की प्रतीक हैं। हालांकि अदालत ने माफीनामे को देखते हुए और भविष्य में गलती न दोहराने के आश्वासन को पर जमानत याचिका मंजूर कर की है। जमानत याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल और न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठों ने अलग-अलग सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने ज़मानत का कड़ा...