सीवान, जून 26 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के फलपुरा स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय प्रतिष्ठात्मक शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिन बुधवार की रात महाराजगंज से पधारे कथावाचक चंद्रभान द्विवेदी उर्फ केन बाबा ने गंगा विवाह एवं भीष्म प्रतिज्ञा का मार्मिक व्याख्यान किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में मौजूद रहे। कथावाचक ने बताया कि मां गंगा का विवाह राजा शांतनु के साथ हुआ था। उन्होंने इस प्रसंग के माध्यम से धर्म, वचनबद्धता और त्याग के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद उन्होंने देवव्रत की भीष्म प्रतिज्ञा का वर्णन करते हुए कहा कि पिता की इच्छा पूर्ण करने के लिए उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य और राजसिंहासन का त्याग करने का संकल्प लिया था। इसी कठोर प्रतिज्ञा के कारण उन्हें भीष्म के नाम से जाना गया। वहीं केन बाबा ने सत्यवती...