प्रयागराज, सितम्बर 2 -- गंगा-यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में गिरावट से तटवर्ती इलाकों के लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन टोंस और मंदाकिनी नदियों के उफान ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। टोंस के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इससे कछारी इलाकों के 17 परिवारों ने अपना घर छोड़ राहत शिविर में शरण ली है। शहर के कछारी इलाके के सैकड़ों मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। टोंस और बेलन का जलस्तर सामान्य से अधिक बढ़ने की वजह से कोरांव और मेजा के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा आधा सेमी और नैनी में यमुना 1.25 सेमी प्रति घंटा की गति से बढ़ रही थीं। हालांकि गंगा-यमुना अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं。 यह भी पढ़ें- टोंस के उफान से फिर बढ़ सकती हैं गं...