खगडि़या, अगस्त 22 -- खगड़िया । एक प्रतिनिधि गंगा पापनाशनी और मोक्षदायिनी है। उक्त बातें द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर सोनडीहा के प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा कहते हुए शुक्रवार को सनातन परिवार के सरल संत नारायण दास जी महाराज ने कहीं। उन्होंने भक्तों को शिव महापुराण कथा कहते हुए सगर के साठ हजार पुत्रों के मोक्ष के लिए गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की पूरी कथा सरल शब्दों में कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और जनजीवन में गंगा नदी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जिसे केवल एक नदी नहीं बल्कि गंगा मां के रूप में पूजनीय माना गया है। यह गोलोक में विष्णु के पद से निकली तो विष्णुपदी कहलाई। स्वर्ग से शंकर जी की जटा में गिरी तो जटा शंकरी कहलाई। गंगोत्री से निकलकर गंगा कानपुर, बक्सर, पटना, बेगूसराय, मुंगेर होते हुए भागलपुर के सुल्तानगंज पह...