वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी। गंगा में इफ्तार पार्टी के दौरान चिकन बिरयानी परोसने और इसके अवशेष फेंकने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने मदनपुरा के 14 युवकों को मंगलवार को जेल भेज दिया था। इस घटना और कार्रवाई ने बहस छेड़ दी है। गंगा में अवशेष फेंकने के आरोप में कार्रवाई को सही ठहराया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही लोग पूछ रहे हैं कि आखिर गंगा में गंदगी पर विभाग कितने सजग हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस में गंगा में गिर रहे नालों, फेंके जाने वाले कचरे से लेकर अन्य तरह के अवशेषों पर सवाल उठ रहे हैं।फेसबुक पर राघवेंद्र मिश्रा नामक यूजर ने लिखा है, 'गंगाजी का हाल देखना है तो कभी भी आप घाटों को पैदल नाप के देख लीजिए. अब तो जल छोड़िये क्रूज-बोट के इंजन के धुएं से घाट किनारे की हवा भी बेहाल हो गई है।' वहीं अहमद रजा नामक यूजर ने लिखा है, ' बनारस में कई ना...