भागलपुर, फरवरी 23 -- कहलगांव के कागजी टोला स्थित काली घाट पर रविवार को गंगा मुक्ति आंदोलन की 44वीं वर्षगांठ धूमधाम और जनभागीदारी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आमसभा, विचार गोष्ठी, नौका जुलूस तथा दीपदान सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। आमसभा की अध्यक्षता डॉ. फारूक अली ने की, जबकि संचालन योगेंद्र सहनी ने किया। वक्ताओं ने बताया कि गंगा मुक्ति आंदोलन की शुरुआत 22 फरवरी 1982 को हुई थी। आंदोलन के परिणामस्वरूप सुल्तानगंज से पीरपैंती तक लगभग 80 किलोमीटर क्षेत्र में जमींदारी प्रथा समाप्त हुई, पारंपरिक मछुआरों के लिए नदियों को करमुक्त किया गया तथा शंकरपुर दियारा की 517 बीघा बेनामी जमीन भूमिहीन परिवारों के बीच वितरित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डॉल्फिन संरक्षण, फरक्का बराज, नदी प्रदूषण, मछलियों की घटती संख्या, कटाव और विस्थापन जैसी...