नई दिल्ली, मई 20 -- हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की नाजुकता को मानते हुए, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गंगा नदी बेसिन के ऊपरी इलाकों में नई हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना शुरू करने की अनुमति न दी जाए। हालांकि, अलकनंदा और भागीरथी नदी बेसिन में चल रही सात परियोजनाओं को सख्त पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के साथ जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है। अदालत में दायर एक हलफनामे में केंद्र ने कहा कि सात परियोजनाओं टिहरी स्टेज-II (1,000 मेगावाट), तपोवन विष्णुगढ़ (520 मेगावाट), विष्णुगढ़ पिपलकोटी (444 मेगावाट), सिग्नोली भटवारी (99 मेगावाट), फाटा ब्यंग (76 मेगावाट), मदमहेश्वर (15 मेगावाट) और कालीगंगा-II (4.5 मेगावाट) को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह भी पढ़ें- केदारनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? आसपास की इन 5 खूबसूरत जगहों को भी करें एक्सप्लोर भारत सरक...