अंबेडकर नगर, फरवरी 28 -- मसड़ा बाजार। तीन दशक से हंसवर चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद के सामने अनूप मद्धेशिया (लल्लू) की अस्थाई मगर मशहूर दुकान पर शाम ढलते ही रौनक अपने शबाब पर पहुंच जाती है। जैसे ही अजान-ए-मगरिब का वक्त करीब आता है, रोजेदारों की भीड़ गर्मागर्म इमरती और जलेबी खरीदने के लिए उमड़ पड़ती है। यह नजारा सिर्फ खरीद-फरोख्त का नहीं, बल्कि इलाके की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक अनूठी तस्वीर पेश करती है। ताजा घी में छनती सुनहरी इमरती और रस से लबालब जलेबी की खुशबू दूर तक फैलती है। रोजेदार बड़ी अकीदत और अपनत्व के साथ अनूप मद्धेशिया की दुकान से मिष्ठान लेते हैं, जो उनकी इफ्तारी का खास हिस्सा बनता है। चार दशक से यह परंपरा यूं ही कायम है और हर रमजान में यह दुकान मानो इफ्तार की रौनक को चार चांद लगा देती है।

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