हापुड़, मई 28 -- गंगा जलधारा की स्वच्छता को लेकर बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे पूरी तरह जुदा है। जिसका खुलासा जन शिकायत पर कराई गई जांच में एक बार फिर से हो गया है। गंगा खादर क्षेत्र के गांव नयाबांस में करोड़ों की लागत से बना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से आबादी का लाखों लीटर दूषित पानी किसी भी शोधन के बिना सीधे गंगा में गिरकर जलधारा को मैला करता हुआ मिला। जिससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मचने के साथ ही श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई है। भाजपा नेता जय सिंह राणा ने तहसील प्रशासन में शिकायत की थी। जिसमें उल्लेख किया गया था कि गढ़ समेत कई गांव की आबादी का का लाखों लीटर गंदा पानी किसी भी शोधन प्रकिया के बिना ही सीधे गंगा में डालकर पवित्र जलधारा को मैली किया जा रहा है। जिससे शासन की मंशा पर पानी फिरने के साथ ही गंगा भक्तों की...