मेरठ, मई 30 -- गंगा प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा), नगर निगम और जल निगम (नगरीय) सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित जल के पुनः उपयोग के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करे। इसके अलावा, गंगा में रहने वाले जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। गंगा किनारे के गांवों में 'गंगा वाटिका' स्थापित करने के लिए भी कार्रवाई हो। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला गंगा समिति, जिला वृक्षारोपण समिति, जिला वेटलैंड समिति और जिला पर्यावरण समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह भी पढ़ें- निर्देश : गंगा समेत अन्य नदियों की स्वच्छता बनाए रखें : डीएमबैठक का उद्देश्य बैठक में जिले के पर्यावरणीय सुधार, गंगा स्वच्छता और आगामी वृक्षारोपण अभियान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डॉ. वीके सिंह ने जिले में प...