भागलपुर, अगस्त 26 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। भागलपुर में गंगा की उग्र धारा और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की तकनीकी विफलता एक बार फिर स्थानीय आबादी पर भारी पड़ी है। नवगछिया अनुमंडल के खरीक अंचल स्थित राघोपुर-काजीकोरैया मार्जिनल तटबंध के अचानक टूट जाने से करोड़ों रुपये की लागत से किए गए बाढ़ निरोधात्मक कार्य पल भर में नदी में विलीन हो गए। तटबंध ध्वस्त होने से राघोपुर के आधा दर्जन से ज्यादा टोले में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे हजारों की आबादी बेघर हो गई है। इस आपदा ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की कार्यशैली और उनकी तकनीकी समझ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ आने से ठीक पहले तक इंजीनियर कागजों पर सब कुछ सुरक्षित होने का दावा कर रहे थे। हर साल बाढ़ से पहले फ्लड फाइटिंग के नाम पर बोरी और क्रेटिं...