वाराणसी, जून 12 -- वाराणसी। दैनिक सांस्कृतिक संध्या काशी वंदन में शुक्रवार को नमो घाट पर वाराणसी की ज्योत्सना भट्टाचार्य का सरस शास्त्रीय गायन हुआ। राग यमन में एकताल में निबद्ध बंदिश 'नाद ब्रह्मानाद' से गायन का आरंभ किया। राग खमाज में दादरा 'मोरे कान्हा को मत देखो', भजन 'दुख द्वंद्व हमारे मिटाओ जी' और झूला 'राधे झूला पधारे' से गायन को विस्तार दिया। समापन भजन 'चलो मन गंगा तीर' से किया। उनके साथ तबले पर विशाल देव एवं हारमोनियम पर प्रद्युम्न नूटियाल ने संगत की।

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