ओम प्रकाश सती, फरवरी 10 -- गंगा में सीधे या किसी और नदी के साथ मिलकर मिलने वाली उत्तराखंड की नदियां उसे प्रदूषित कर रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अपनी रिपोर्ट में राज्य की 12 नदियों को प्रदूषित बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, नदियों में प्रदूषण की मुख्य वजह उनमें, सीवर और उद्योगों की गंदगी जाना बताया गया। इससे इनकी जैव-रासायनिक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का स्तर निर्धारित मानकों से कहीं अधिक पाया गया। सीपीसीबी ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने को वर्किंग प्लान बनाने को कहा है। सीपीसीबी ने बताया है कि बिना उपचारित सीवेज (मल-जल) और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला अपशिष्ट नदियों के प्रदूषण का प्रमुख कारण बना है। कई शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में मल-जल सीधे नदियों में बहाया जा रहा है, जबकि कई...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.