संभल, जुलाई 8 -- बबराला गंगा किनारे बसे गांवों में इन दिनों फिर से डर का साया मंडराने लगा है। गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों की धड़कनें बढ़ा रहा है। पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार वर्षा ने गंगा को उफान पर ला दिया है। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के किसान फिर से बाढ़ के दंश की आशंका से चिंतित हैं। गंगा के बढ़ते पानी को देख किसानों की निगाहें अब आसमान और धरती दोनों पर टिकी हैं। बरसात उनके लिए जहां एक ओर जीवन की उम्मीद लाती है, वहीं दूसरी ओर फसलों की तबाही का डर लेकर भी आती है। इस क्षेत्र के किसानों को हर साल बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है। खेतों में खड़ा पानी जड़ों को सड़ा देता है और फसलें नष्ट हो जाती हैं। खेतों में मेहनत से उगाई गई फसलें चंद ही घंटों में तबाह हो जाती हैं। इससे किसान आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से टूट जाते हैं। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.