हापुड़, अप्रैल 11 -- ब्रजघाट, संवाददाता। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद घाटों पर कीचड़, प्लास्टिक और गंदगी का अंबार लग गया है। जलस्तर घटने से कूड़ा आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे किनारे प्रदूषित हो गए हैं और दुर्गंध बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सफाई में ढिलाई के कारण ऐतिहासिक घाटों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं जैटीबैरिकैड्स भी अब सूखे स्थान पर आ गई है।गंगा का जलस्तर निरंतर कम हो गया है, जलस्तर कम होने से गंगा में बहकर आई गंदगी अब गंगा किनारे स्थित घाटों के पास आकर रुक गई है। ऐसे में जलस्तर कम होने के बाद वहां फैली गंदगी से बदबू भी आने लगी है, जिससे स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं समेत वहां पूजा पाठ करने वाले पुरोहितों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुरोहित राजकुमार लालू ने बताया कि जलस्तर को बढ़ाने के अधिकारिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.