बदायूं, मार्च 30 -- उझानी। पिछले एक सप्ताह में गंगा के जलस्तर में अचानक दो बार हुई वृद्धि ने खरबूज-तरबूज की 50 फीसदी फसल को बर्बाद कर दिया। दूसरे दिन गंगा का जलस्तर कम होने पर किसानों ने राहत की सांस ली है। गंगा का जलस्तर कम होने पर किसान अपनी तरबूज, खरबूज, लौकी, ककड़ी खीरा की फसल को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कुछ हद तक फसलों को बचाया जा सकता है। जलस्तर ज्यादा बढ़ने से गंगा में निचले स्तर पर बोई गई तरबूज की फैसले पूरी तरह डूब गई थी जो जल स्तर कम होने से फसल की बेल को सुरक्षित बचाने के प्रयास किया जा रहे हैं।
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