बदायूं, मार्च 29 -- गंगा के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि हो गई है। गंगा में जल स्तर बढ़ने से इलाके के 20 गांव के किसानों की हजारों एकड़ जमीन में लगी तरबूज (पालेज) की फसल जलमग्न हो गई है। जिससे किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं कछला गंगा घाट पर लगी प्रसाद की अस्थाई दुकानें भी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। गंगा में कोतल नगला, हुसैनपुर खेड़ा, चंदनपुर, ढक नगला, पिपरौल, खजुरारा, पलिया सरौता, नानाखेड़ा से लेकर भूढ़ा भदरौल गांव के अधिकांश किसान गंगा की जमीन में तरबूज खरबूज, तरबूज, लौकी, ककड़ी, करेला, तोरई की फसल उगाकर जीवकोपार्जन के लिए साल भर की व्यवस्था करते हैं। जिसकी लागत प्रति नाली करीब दो हजार आती है। तरबूज की अधिकांश फैसल तैयारी के कगार पर भी हैं। जिसमें निचले हिस्से की सभी फसलें जल भराव होने से नष्ट हो हो चुकी है। इलाके के गां...