मुंगेर, मार्च 23 -- टेटियाबंबर, एक संवाददाता। बरियारपुर-जमुई पथ को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का दर्जा मिले एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसे एनएच के मानकों के अनुरूप विकसित नहीं किया जा सका है। खासकर गंगटा जंगल क्षेत्र का करीब 7 किलोमीटर लंबा हिस्सा आज भी संकीर्ण और घुमावदार सिंगल सड़क बना हुआ है, जो आए दिन जाम और दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन करीब पांच हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। सड़क की चौड़ाई कम होने और तीखे मोड़ों के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं, दुर्घटनाओं का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दो महीनों में ही चार मोटरसाइकिल सवारों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।स्थानीय ग्रामीणों द्वारा वर्षों से इस जंगल मार्ग के चौड़ीकरण की मांग उठाई जा...