सुपौल, सितम्बर 27 -- सुपौल,‌ एक संवाददाता सदर प्रखंड अंतर्गत खैरदहा नदी घाट पर पितृपक्ष की शुरुआत होते लोगों ने अपने पूर्वजों का तर्पण शुरू कर दिया है। पौराणिक मान्यता है कि अपने पूर्वजों को नमन करने तथा पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को एक जगह करने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कर्म के विभिन्न बिंदुओं से गुजर कर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। पंडितों का मानना है कि ऐसी कोई भी पूजा नहीं है, जिसमें एकत्र तीनों (देव,ऋषि व पितर)वर्गों को प्रसन्न किया जा सकता है। साथ ही इसकी अन्य विशेषता है कि इसके माध्यम से लोग तीनों ऋणों में देवऋण, ऋषि ऋण एवं पितृऋण से भी एकत्र मुक्ति पाई जाती है। यह भी पढ़ें- कपिलमुनि के पानी देने के साथ ही पितृपक्ष शुरू यह भी पढ़ें- अगस्त मुनि के तर्पण के साथ शुरू हुआ पितृपक्ष यह भी पढ़ें- श्राद्ध व तर्पण के माध्यम से पितृ ऋण ...