मुंगेर, जून 3 -- धरहरा, एक संवाददाता। कहते हैं कि, अगर इरादे मजबूत हों तो अभाव भी रास्ता नहीं रोक पाते। धरहरा के नीरज कुमार सिंह ने इस बात को अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा से साबित कर दिखाया। यह भी पढ़ें- खेल के दम पर मिली नौकरी, अब युवाओं के प्रेरणास्रोत बने नीरजनीरज की पहचान किसान परिवार से आने वाले 40 वर्षीय नीरज कुमार सिंह ने फुटबॉल और क्रिकेट दोनों खेलों में अपनी पहचान बनाई, लेकिन फुटबॉल ने उन्हें वह मुकाम दिलाया जिसकी बदौलत वर्ष 2006 में रेलवे में नौकरी मिली। यह भी पढ़ें- चतरा के फुटबॉल खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए राजस्थान रवाना, चमकेगा जिलासपनों की पुर्ति वर्ष 1999 से खेल की दुनिया में कदम रखने वाले नीरज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।समर्थन और सफलता परिवार और समाज का सहयोग उनके हौसले को लगातार मजबूती ...