नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सिंथेटिक सतह से कार्बन-जीरो तक का सफर, नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप में फिर पोलिग्रास टर्फ पर खेलेंगे दुनिया के सितारे हॉकी विश्व कप में 50 साल पुरानी टर्फ की नई तकनीक यह भी पढ़ें- खेल : पांच दशक का पदक का सूखा खत्म करने की आस नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हॉकी में गेंद, स्टिक और खिलाड़ियों की तकनीक जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण वह सतह भी है जिस पर खेल होता है। 2026 हॉकी विश्व कप में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी जिस टर्फ पर उतरेंगे, उसकी कहानी करीब पांच दशक पुरानी है। 1970 के दशक के मध्य में सिंथेटिक हॉकी टर्फ के विकास से जुड़ा पोलिग्रास अब आधुनिक तकनीक, तेज खेल और पर्यावरण अनुकूलता के नए दौर में पहुंच चुका है।विश्व कप की तैयारियाँ नीदरलैंड्स और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले पुरुष ए...