फतेहपुर, जून 20 -- धाता। बेटे के भविष्य बनाने की बात हो तो पिता हर संघर्ष करने को तैयार रहते हैं। ऐसा ही कुछ क्षेत्र के भुरचुनी गांव निवासी किसान राकेश सिंह से प्रेरणा मिलती है। इन्होंने पुत्र शुभम सिंह को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। खेतों में हाड़तोड़ मेहनत की और बेटे की पढ़ाई में कोई भी व्यवधान नहीं आने दिया। राकेश सिंह बताते हैं कि उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा लेकिन कभी बेटे को एहसास नहीं होने दिया, खुद संघर्ष करते रहे लेकिन बच्चों की पढ़ाई लिखाई में कोई कमी नहीं आने दिया। यह भी पढ़ें- बीपीएससी में 152वां रेंक हासिल कर शुभम साकेत ने बढ़ाया फुल्लीडुमर का नाम जिसका नतीजा यह रहा कि बड़ा पुत्र शुभम सिंह एसडीएम बन कर सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। बताया कि दूसरा पुत्र शिवम सिंह गाजियाबाद से इनफॉरमेशन टेक्न...