नई दिल्ली, जुलाई 22 -- हाल ही में भारत की पहली प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रच दिया। इस मिशन की सफलता के पीछे कई इंजीनियरों की कड़ी मेहनत और सालों की तैयारी रही। इन्हीं इंजीनियरों में एक नाम पृथ्वी सांघाणी का भी है। पृथ्वी की कहानी काफी प्रेरणा दायक है। जब पृथ्वी का बचपन खेत-खलिहानों के बीच बीत रहा था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन वह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 के ऑटोपायलट कंट्रोल सिस्टम को विकसित करने वाली टीम का हिस्सा बनेंगी। लेकिन आज वो हजारों-लाखों लोगों के लिए मिसाल बनी, जो छोटे शहरों और कस्बों, गांव से बड़े सपने देखते हैं।कौन है पृथ्वी सांघाणी पृथ्वी सांघाणी गुजरात के एक किसान परिवार से आती हैं। उनका सफर जामनगर से शुरू हुआ, जहां उनका पा...