लखनऊ, अप्रैल 8 -- ग्रामीण इलाकों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं, कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने बुधवार रात किसानों और बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भर गया। खलिहानों में कटी फसल पानी में तरबतर हो गई। इससे गेहूं के दाने काले पड़ने और सड़ने की आशंका बन गई है। तेज आंधी से पेड़ों पर लगे छोटे फल भारी मात्रा में टूटकर गिर गए हैं। नमी व तापमान में गिरावट के कारण आम में कीट और फफूंदी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मोहनलालगंज व निगोहा क्षेत्र में बूंदाबांदी के बाद रात में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया। बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे अधिक नुकसान खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल को हुआ है। किसान राम प्रकाश और कृपा शंकर ने बताया कि आधे से अधिक गेहूं की फसल अभी खेतो...