सिद्धार्थ, अप्रैल 27 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। सोहना कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने किसानों को खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए हरी खाद अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि हरी खाद का प्रयोग खेतों के लिए बेहद लाभकारी है और इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने किसानों को मई-जून माह में ढैंचा और सनई की बुवाई करने की सलाह दी।उन्होंने बताया कि हरी खाद मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाती है और उसकी जलधारण क्षमता को मजबूत बनाती है। इससे फसलों को पोषक तत्व बेहतर तरीके से मिलते हैं और उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि ढैंचा और सनई की जड़ों में पाए जाने वाले राइजोबियम जीवाणु मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे खेत की उर्वरता स्वतः सुधरती है। ढैंचा ...