अररिया, फरवरी 26 -- भरगामा, एक संवाददाता। भरगामा प्रखंड में इन दिनों खेतों की हरियाली के बीच किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है। गेहूं और मक्का की फसल दूसरी सिंचाई के बाद खड़ी है, लेकिन जरूरी यूरिया खाद के अभाव में किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी पैक्स गोदामों में पिछले एक माह से इफको की यूरिया उपलब्ध नहीं है। कई किसान रोजाना गोदाम और दुकानों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बिस्कोमान में भी स्थिति लगभग वही है। खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में यूरिया का छिड़काव फसल की बढ़वार और उत्पादन के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर इस समय खाद नहीं डाली गई तो बालियां कमजोर रह जाएंगी और मक्का की फसल ...
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