कटिहार, मार्च 22 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि: कृषि कार्य में रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग किसानों द्वारा कीट व्याधि से निजात पाने को लेकर किया जाता है। अधिक मात्रा में हानिकारक रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग किए जाने से बरसात के पानी, सिंचाई सहित अन्य माध्यमों से कीटनाशक का दुष्प्रभाव नदी, तालाब व अन्य जलस्रोत तक पहुंच जाता है। यह पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य के साथ ही जलीय जीव व मछलियों के लिए भी गंभीर खतरा है। मीठे पानी के मछलियों के लिए रासायनिक कीटनाशक अधिक घातक है। मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन करने वालों के तालाब की मिट्टी व पानी को जांच के लिए पूर्णिया स्थित लैब में भेजा जाता है। जांच में मिट्टी व पानी में जलीय जीवों के लिए हानिकारक तत्वों की पहचान की जाती है। इस आधार पर तालाब या जलाशय की मिट्टी व पानी के उपचार तथा अनुकूल बनाने के लिए दवा के छ...