बोकारो, जनवरी 1 -- पेटरवार, प्रतिनिधि। कृषि विकास के साथ ही साथ कृषि आधारित ऐसे लघु अथवा कुटिर उद्योगों की तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए। जिससे कृषक को फसल के साथ-साथ अन्य साधनों से भी आय प्राप्त हो सके। उक्त बातें कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान व वरीय वैज्ञानिक डॉ रंजय कुमार सिंह ने बातचीत के दौरान कही। कहा कि कृषि कार्य के साथ-साथ मछली पालन, कुक्कुट पालन, पशुपालन, रेशमकीट पालन, लाख-कीट पालन तथा मधुमक्खी पालन आदि महत्वपूर्ण हैं। कहा कि मधुमक्खी पालन ही एक ऐसा उद्योग है जो फसलों के परागण में सहायक है, जिससे फसल उत्पादन तो बढ़ता ही है साथ ही साथ मधु का अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त होता है। जिन स्थानों पर भूमि की छोटी जोत होती है तथा कम वर्षा होती है, इन स्थानों में फल उत्पादन, सब्जी उत्पादन आदि प्रमुख रूप से होता है। ऐसी दशाओं में मधुमक्खी पालन एक म...