नवादा, अप्रैल 23 -- जिले में गहराते जल संकट की दुर्गति केवल पीने के पानी की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यहां की कृषि और किसानों की आजीविका के लिए भी यह एक गंभीर मसला बन चुका है। आज गिरते भू-जल स्तर और सूखती नदियों के दोहरे प्रहार से नवादा जिला जूझ रहा है। ​नवादा की खेती मुख्य रूप से वर्षा और पारम्परिक जल स्रोतों पर निर्भर रही है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में अनियमित मानसून और सभी पांचों नदियों के समय से पहले सूख जाने के कारण सिंचाई का ढांचा पूरी तरह चरमरा कर रह गया है। भू-जल स्तर कई फीट नीचे चले जाने के कारण जिले के अधिकांश ट्यूबवेल और बोरिंग दम तोड़ रहे हैं, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो जाती हैं। यह भी पढ़ें- नहरों की सफाई नहीं होने से सिंचाई प्रभावित पानी की कमी के कारण किसानों को महंगे डीजल पम्पों का सहारा लेना पड़ता ...