मुरादाबाद, मार्च 5 -- इस बार होली पर ग्रहण के कारण नया ही नजारा देखने को मिला। हमेशा की तरह होलिका दहन के बाद लोगों ने होली का हुड़दंग नहीं मचाया। बल्कि सभी में गन्ने भूनने के बाद घर जाने की जल्दी रही। सूतक लग जाने के कारण सुबह भी आराम से जागे। अगले दिन ग्रहण और सूतक के कारण माहौल सामान्य रहा। दिनचर्या आम रही। बच्चों को अगले दिन का बेताबी से इंतजार रहा। चार अप्रैल को तड़के से ही हुरियारे हर ओर दिखाई देने लगे। बच्चे गुब्बारे और पिचकारी से हर किसी पर हमलावर हो रहे थे। कहीं ढोल गूंज रहे थे तो कहीं टोलियां घर-घर घूम रही थीं। सूरज चढ़ने के साथ ही पूरा शहर रंग संग होली जश्न के माहौल में समा गया। यह स्थिति शाम तक चलती रही। रात में किसी ने जल्दी तो किसी ने देर रात होली जलाई। कुछ ने मंगलवार को ग्रहण समाप्त होने बाद ही होलिका दहन किया। चार अप्रैल क...