कानपुर, अगस्त 21 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। डेंगू या चिकनगुनिया जैसी बीमारी मच्छरों के काटने से होती है। मानव खून पीने के बाद ऐसी बीमारी फैलाने वाले मच्छरों के मस्तिष्क में आखिर क्या बदलाव होता है, इसका पता आईआईटी कानपुर के शोधार्थी लगा रहे हैं। मच्छर मनुष्य की गंध को कैसे पहचानता है, इसका भी पता लगाया जा रहा है। आईआईटी कानपुर के मेहता फैमिली सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन के शोधार्थी कार्तिक राउत ऐसे सभी सवालों के जवाब को जानने के लिए शोध कर रहे हैं। कार्तिक ने बताया कि यह शोध मच्छरों के मस्तिष्क और गंध पहचानने की प्रक्रिया को समझने पर केंद्रित है, जिससे भविष्य में मच्छरों के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है। यह भी पढ़ें- डेंगू या चिकनगुनिया जैसी बीमारी मच्छरों के काटने से होती है। मानव खून पीने के बाद ऐसी बीमारी फैल...