गोरखपुर, अगस्त 25 -- नीरज मिश्र गोरखपुर। खून की कमी (एनीमिया) की पहचान आने वाले समय में सिर्फ खून की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मरीज की खून की रिपोर्ट, लाल रक्त कोशिकाओं की बनावट, जैव रासायनिक जांच, आनुवंशिक जानकारी, मेडिकल रिकॉर्ड और शरीर की तस्वीरों को एक साथ समझकर एनीमिया के संभावित कारण का पता लगाने में मदद कर सकता है। इससे आयरन की कमी और थैलेसीमिया जैसे अलग-अलग कारणों में अंतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी एम्स के डॉक्टरों की ओर से तैयार की गई 'फ्यूजन इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर : मल्टीमॉडल एआई फॉर इंटीग्रेटेड हेल्थ डायग्नोस्टिक्स' पुस्तक के चैप्टर-19 में सामने आई है। यह पुस्तक स्प्रिंगर जर्नल में प्रकाशित हो चुकी है।

एनीमिया के कारणों की जांच इसमें वर्ष 2020 से 2025 के बीच प्रकाशित शोधों, मेटा-...