अलीगढ़, फरवरी 12 -- (विश्व एनीमिया जागरूकता दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। थकान, चक्कर और कमजोरी अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही, छोटी बच्चियों से लेकर किशोरियों और महिलाओं तक में खून की कमी तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट बताती हैं कि बड़ी संख्या में बालिकाएं कम उम्र में ही एनीमिया का शिकार हो रही हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई, विकास और भविष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भारतीय शिशु रोग अकादमी ने इसे आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर चेतावनी मानते हुए देशभर में जागरूकता अभियान चलाया है। भारतीय शिशु रोग अकादमी (आईएपी) की अलीगढ़ इकाई के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया कि छोटी बच्चियों और किशोरियों में एनीमिया तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन गया है। पांच वर्ष तक की दो तिहाई बच्चियां खून की कमी से प्रभावित पाई जा रही हैं, जबकि किशोरियों में यह आं...