रांची, अक्टूबर 12 -- खूंटी, संवाददाता। इस्कॉन नामहट केंद्र, खूंटी में कार्तिक मास के अवसर पर एकदिवसीय श्रीमद् भागवत गीता कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शुकामृत दास ने भागवत गीता के 16वें अध्याय पर प्रवचन देते हुए समाज, धर्म और अध्यात्म पर अपने विचार साझा किए। प्रवचन में शुकामृत दास ने कहा कि समाज में हमेशा अच्छे और बुरे गुण सह-अस्तित्व में रहते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण नित्य चेतन और पूरे ब्रह्मांड के पालक हैं, जो सभी जीवों के पालनहार भी हैं। उन्होंने भोगवादी जीवन और अध्यात्मवादी जीवन के बीच संतुलन का महत्व समझाया और कहा कि भगवान का संदेश जियो और जीने दो सभी के लिए मार्गदर्शक है। शुकामृत दास ने इस्कॉन संस्थापक आचार्य स्वामी प्रभुपाद के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वभर में मंदिर स्थापित किए, ताकि लोग भोग...