लखनऊ, मई 15 -- पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में तीमारदार गर्मी से बेहाल हैं। टीन शेड में तीमारदार तप रहे हैं। संवेदनहीन अफसरों ने टीन शेड के नीचे पंखा तक लगाने की जहमत नहीं उठाई। मजबूरन तीमारदार खुले आकाश के नीचे कच्ची जमीन पर रात गुजारने को मजबूर हैं। सरकार से करोड़ों रुपये के बजट हासिल करने वाले पीजीआई में तीमारदार बदइंतजामी झेल रहे हैं। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में एक भी स्थायी रैन बसेरा नहीं बनाया गया। दो अस्थायी रैन बसेरे बने हैं, जिनमें बामुश्किल 15 से 20 लोग ठहर सकते हैं। मुख्य गेट के पास नाली के ठीक बगल में फुटपाथ के पास टीन शेड डालकर अस्थायी रैन बसेरा तैयार किया गया। संवेदनहीन अफसरों ने इसमें पंखा तक लगाने की जहमत नहीं उठाई। दूसरा रैन बसेरा ट्रॉमा मुख्य बिल्डिंग के निकट गंदगी के बीच बनाया गया है। यहां लोग कच्ची जमीन पर गत्ते डालकर दिन और रा...