खुद सुरक्षित नहीं रहते हैं जंगल की रक्षा करने वाले वनकर्मी
श्रावस्ती, जून 8 -- प्रदीप त्रिपाठी, गिरंटबाजार। जंगलों की सुरक्षा के लिए तैनात वन कर्मी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। टूटे टीनशेड और उजड़ चुकी फूस की झोपड़ी में रह कर जंगल की सुरक्षा कैसे होगी। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जरा सी बरसात होने पर वनकर्मियों को टीनशेड और फूस की झोपड़ी से पेड़ की ओट सबसे सुरक्षित लगता है। जमुनहा का हरदत्त नगर गिरंट जंगल में दो बीट बने हैं। जिसमें सुजान डीह बीट जंगल करीब 500 हेक्टेयर और औसानकुंडी बीट जंगल करीब 600 हेक्टेयर में फैला है। कुल 1100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले जंगल की सुरक्षा के लिए कुल 18 कर्मी तैनात हैं। यह भी पढ़ें- डंडे के सहारे हो रही मेजा वनरेंज की सुरक्षा इन कर्मियों के रुकने के लिए दोनों बीटों में टीनशेड व फूस के मड़हे बने हैं। जिसमें रुकना खतरे से खाली नहीं है। सुजान डीह बीट जंगल...
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