नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- नई दिल्ली। बीते कुछ महीनों में देश में कर्ज लेने की गति बढ़ गई है। देश की आर्थिक स्थिति के लिहाज से इसे सकारात्मक संकेत माना जा सकता है लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों में जमा होने वाली धनराशि में गिरावट को लेकर चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ब्याज दर बढ़ाए जाने के बाद भी बड़ा सुधार नहीं दिखता है जबकि बैंक ज्यादा तेजी से खुदरा ऋण दे रहे हैं। रिजर्व बैंक द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि डिपॉजिट ग्रोथ (जमा वृद्धि) वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमान 9 से 11 फीसदी के बीच रही है। जबकि क्रेडिट ग्रोथ (ऋण) की औसत वृद्धि 15 मार्च 2025 तक 13.8 प्रतिशत रही है। इस तरह से ऋण और जमा में तीन से पांच प्रतिशत का अंतर है। रिपोर्ट कहती है कि एक अप्रैल 2025 से अतिरिक्त जोखिम भार हटाए ज...