बिलासपुर, अप्रैल 1 -- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर किसी कानून का उल्लंघन ना हो रहा हो, तो लोगों को अपने घर में धार्मिक प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। अदालत ने यह फैसला उन दो याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनाया, जिन्हें अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित करने पर पुलिस द्वारा नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने पुलिस द्वारा जारी नोटिस को भी रद्द कर दिया। साथ ही अदालत ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूछताछ की आड़ में याचिकाकर्ताओं को परेशान करने और उनके नागरिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश भी दिया। हाई कोर्ट में यह याचिका जांजगीर-चांपा जिले के गोधना गांव में रहने वाले दो रिश्तेदारों ने लगाई थी। याचिक...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.