खुदकुशी की घटनाएं रोकने में इमोशन शेयरिंग थेरेपी का बड़ा रोल
बरेली, सितम्बर 10 -- आत्महत्या की रोकथाम में समय पर बातचीत और अपनों का साथ सबसे अहम भूमिका निभा रहा है। इमोशन शेयरिंग थेरेपी द्वारा 5 साल में जिले में 1143 लोगों को आत्महत्या जैसे विचारों से उबारा जा सकाअ। खुदकुशी के मामलों को रोकने को हर साल 10 सितंबर को सुसाइड प्रिवेंशन डे मनाया जाता है। आत्महत्या के बढते मामले चिंता का विषय हैं। इससे भी गंभीर बात ये है कि कम उम्र में सुसाइड घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग और इलाज को मनकक्ष की ओपीडी के साथ ही टेली मानस ओपीडी का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल के मनकक्ष के चिकित्सक डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि खुदकुशी के 85 फीसदी मामलों में वजह रिश्ते में खटास, आर्थिक तंगी और कॅरियर होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि मानसिक तनाव, अकेलापन, निराशा या परेशानी में व्यक्ति को अकेला छोड़ना ठीक नहीं होता। यह भी...
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