खिलाड़ियों ने दिखाई पारंपरिक युद्धकला की दक्षता
बेगुसराय, सितम्बर 1 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत कार्यसमिति बैठक के अंतिम दिन सोमवार को कलारीपयट्टू बिहार एसोसिएशन की ओर से खिलाड़ियों ने पारंपरिक भारतीय युद्धकला कलारीपयट्टू का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने कलारीपयट्टू के विभिन्न पहलुओं को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखा।
कलारीपयट्टू का प्रभाव उनकी फुर्ती, शरीर पर नियंत्रण और आत्मरक्षा से जुड़े कौशल आकर्षण का केंद्र रहे। कलारीपयट्टू बिहार एसोसिएशन के कोच केके पंकज और शिवम कुमार ने कहा कि कलारीपयट्टू केवल एक खेल नहीं है, बल्कि शारीरिक शक्ति, मानसिक अनुशासन, आत्मरक्षा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का अनूठा मिश्रण है।
विशेषताओं की सराहना राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविन्द नायक ने कलारीपयट्टू की विशेषताओं की सराहना करते हुए...
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