नई दिल्ली, अगस्त 18 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने DUSIB (दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड) द्वारा दी गई जमीन पर रहने वालों को नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक कब्जा बनाए रखने देने की इजाजत देने से मना कर दिया है। इस बारे में कवात्रा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, कवात्रा टेंट एंड कैटरर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स ईश्वर कामधेनु रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड ने अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिक्स्ड-टर्म लाइसेंस को एग्रीमेंट के तहत दिए गए ज्यादा से ज्यादा छह महीने के एक्सटेंशन से अधिक समय तक नहीं बढ़ाया जा सकता। हाई कोर्ट ने अपील करने वालों को अपनी-अपनी जमीन खाली करने का निर्देश दिया और पंडालों और दूसरे स्ट्रक्चर को हटान...