नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत देने से इनकार करने के फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ से खालिद की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अनुरोध किया कि पुनर्विचार याचिका को खुली अदालत में सूचीबद्ध किया जाए। सिब्बल ने कहा कि यह मामला 16 अप्रैल को जज के समक्ष विचार के लिए आएगा और उन्होंने खुली अदालत में सुनवाई के लिए एक आवेदन दायर किया है। जस्टिस कुमार ने कहा कि हम कागजात देखेंगे। जरूरत पड़ने पर हम मामले की सुनवाई करेंगे। यह भी पढ़ें- सवाल यह नहीं है कि जज पक्षपाती हैं या नहीं, जज स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर केजरीवाल के मन में क्या आशंका अदालत के नियमों के अनुसार, समीक्षा याचिकाओं पर उन जज द्वारा विचार किया जात...