वाराणसी, दिसम्बर 20 -- वाराणसी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में शनिवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने की खारिज हो चुकी अर्जी में संशोधन करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई टल गई। पीठासीन अधिकारी अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस मामले अगली सुनवाई पहली जनवरी को होगी। पिछली तिथि पर कोर्ट में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तरफ से अधिवक्ता मो तौहीद खान ने अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की दलील दी। कोर्ट में इस पर वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति की। विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि सिर्फ मौखिक दलील से वाद के करवाई पर रोक नहीं लग सकती है। इसपर लिखित अर्जी दे ताकि उसपर सुनवाई हो सके। गौरतलब है कि हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीन बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दी थ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.