नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- मिडिल ईस्ट में महीनेभर से ज्यादा समय तक चला तनाव उस समय कम हो गया, जब डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें उनके सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई नेताओं और सैन्यकर्मियों से की जान चली गई थी। इसके बाद, पूरे इलाके में युद्ध छिड़ गया। अब जब पाकिस्तान की मध्यस्थता से दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ है तो सवाल खड़े होने लगा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हासिल क्या हुआ। हिंदी में एक मुहावरा है, 'खाया पिया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना' जिसका अर्थ है कि फायदा तो कुछ नहीं हुआ, बल्कि उलटा नुकसान हो गया। ट्रंप के साथ पिछले महीनेभर में यही होता दिखाई दिया।ईरान को लेकर गलत आकलन कर गए ट्रंप युद...