कन्नौज, अप्रैल 14 -- जिले की सियासत में इस बार एक ऐसा बदलाव सामने आया है, जो दिखता कम है लेकिन असर बड़ा डाल सकता है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद सामने आया महिला वोटर का साइलेंट क्राइसिस अब चुनावी समीकरणों को नई दिशा देने की ओर बढ़ रहा है। जिले में कुल 2.21 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की हैl यही बात राजनीतिक दलों की चिंता का कारण बन रही है। सबसे ज्यादा असर छिबरामऊ, कन्नौज सदर और तिर्वा क्षेत्रों में दिखा है, जहां हजारों महिला मतदाता सूची से बाहर हो गई हैं। ये वही वर्ग है, जिसे पिछले कुछ वर्षों में सबसे स्थिर वोट बैंक माना जाता रहा है। उज्ज्वला, राशन, आवास और पेंशन जैसी योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं तक पहुंचने के कारण उनका सरकारी योजनाओं के प्रति झुकाव भी देखा गया है। वही राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला म...